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Showing posts from March, 2020

Can We Really See God? | Understanding God Realization Through Bhakti

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Can We Really See God? | Understanding God Realization Through Bhakti    Can God be seen and experienced? Explore the Vedic view of God-realization, Bhakti, spiritual practice, grace and the longing for the Divine. God only wants pure love Yes. According to the Vedic and devotional tradition, we can experience and see God. The Vedas are regarded as an authoritative source of spiritual knowledge. They teach that the Divine can be realized according to the way a sincere seeker approaches Him. A jnani , one who follows the path of knowledge, may realize the Divine as the formless Brahman and experience bliss in that realization. A bhakta , a devotee filled with love, may experience the same Divine Reality as the supremely beautiful, compassionate and gracious Shri Rama or Shri Krishna , and serve Him with love. The experience may differ according to the spiritual path and the devotee's relationship with the Divine, but the underlying Reality is one. Bhakti Is Also...

क्या भगवान को प्रसाद चढ़ाना सही है?

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क्या भगवान को प्रसाद चढ़ाना सही है? भगवान को प्रसाद चढाने से पहले आप अपने आप को जानिये। क्या आप भगवान से प्रेम करते हैं। क्या आप भगवान को सचमुच प्रेम से कुछ खिलाना चाहते हैं। क्या आप यह सोचकर प्रसाद चढाते हैं कि भगवान को चढावा चढाने से मेरी इच्छा रूपी हो जायेगी। क्या आप दूसरों को दिखाने किे लिये प्रसाद चढाते हैं। क्या आप दूसरें क्या कहेंगे इस डर से भगवान को प्रसाद नहीं चढाते हैं। भगवान और आपके बीच क्या रिश्ता है। एक माँ अपने बच्चे को चाहे वह जैसा भी हो हर समय हर जगह पर प्यार करती है। कोई नियम कानून का पालन नहीं करती । किसी पडौसी के बोलने या सलाह देने पर प्रेम नही करती। तो इसी प्रकार यदि आपका भगवान से प्रेंम है तो आप प्रसाद अवश्य चढायें किसी के बोलने ना बोलने को केयर ही ना करें, अपने विश्वास को दृढ रखें। भगवान वह पर्सनेलिटी हैं जो प्रेम से ना खिलाने पर दुर्योधन के छ्प्पन भोग का चिरस्कार कर विदुर जी के घर पर केले के छिलके खाये । भगवान आपका प्रेम देखते हैं आपका प्रसाद नहीं। यदि आप प्रेम से नहीं खिलायेंगे दिखावा करेंगे तो भगव...

Happy Mahaprabhu Jayanti Happy Gour Purnima

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Happy Mahaprabhu Jayanti Happy Gour Purnima साक्षात प्रेम ने अवतार लिया- गौराँग रूप में, करुणावतार, गौराँग करुणा का असीम विस्तार हैं। आदि से अनन्त तक जिनकी करुणा विस्तारित है। हर एक प्राणी के लिये, हर एक जीव, पशु-पक्षी, कीट-पतंग सभी के लिये। जिनकी करुणा सागर अत्यन्त उच्छलित हो रहा है।  गौराँग महाप्रभु, करुणा जिनके रोम-रोम से टपकती है। जीव के उद्धार के लिये जो हरि नाम की भिक्षा माँगते हैं। क्योंकि जानते हैं एतमात्र हरि नाम से ही कल्याण होगा। वे रो-रोकर कहते हैं- हे जीव इस दुर्लभ अवसर को ना खोओ। हरि नाम ले लो। मुझे हरि नाम की भिक्षा दे दो। अपना परम कल्याण कर लो। मेरा जीवन ही इसी निमित्त है। गौराँग महाप्रभु की जय Gourang Mahaprabhu  Nitai Gour RAdhe Shyam... Hare Krishna Hare Ram...

Happy Women's Day

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Happy Women's Day Promote Girls Education Happy Women's Day to all Women- creator of this World हैप्पी वुमन्स डे यह सेलिब्रेशन होना चाहिये शक्ति का - नारी शक्ति। वह नारी एक साधारण नारी भी हो सकती है जो न केवल  एक घर को सजाती-सँवारती है वरन पुरुष के साथ मिलकर अपने घर की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तत्परता से उठाती है।  केवल एक फैशनेबल सजी-संवरी गुडिया से अब नारी की छवि में जमीन-आसमान का अंतर आ गया है ।अब वह अंतरिक्ष में जा रही है, फाइटर जेट उड़ा रही है और एक विशाल देश की फाइनेंस मिनिस्टर की रेस्पोंसिबिलिटि भी उतनी ही कुशलता से उठातीहै।  क्योंकि अब वह ज्यादा जागरुक है, अपनी शक्ति को पहचानने लगी है।  आइये इस वुमेन्स डे को एक सार्थक रूप प्रदान करें... Lets together work for... Girls Education, Girls Empowerment  And here is the source of all energies, powers, Our Radharani... Shri Radha rani

Eat drink and be merry, or you afraid of, Corona Virus!

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Eat drink and be merry (Really, is this sufficient! _) Oh no! We can’t   Save us from this Corona Virus अब तक  India में  34 मरीज डिटेक्ट किये जा चुके हैं। corona virus हम जो खाओ पीयो और मौज करो के सिद्धांत पर अपनी गाड़ी भगाये जा रहे हैं बड़े मजे-मजे से, इसमें  sudden  एक ब्रेक लगा। जी हाँ, एक ब्रेक- कोरोना वायरस .. डेडली वायरस  चाइना के वुहान प्रांत से फैल कर सारी दुनिया में डर का जो माहौल बना रहा है उससे कोई भी अनजान नहीं है। अब हम अपनी करनी के खुद जिम्मेदार हैं कोई हमें समझा रहा है। अभी तक तो हमारी स्थिति थी कि हमें जो अच्छा लगेगा हम खायेंगे   अब वह चाहे मुर्गी हो मटन हो गाय हो चमगादड हो साप हो काकरोच हो....ऐसी सोच थी । लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति ने भी अपना मोर्चा खोल लिया है। यदि इंसान स्वयं नहीं समझेगा तो उसे समझाने के अनेक तरीके हैं। यह नेचर का तरीका है। हम समस्त प्रणियों में सर्वश्रेष्ठ, मानव कहलाते हैं। पर क्या हम अपना कर्तव्य कर रहे हैं। अन्य जीव-जन्तु तो हमासे निम्न कक्षा के हैं...बेचारे केवल भोग करना ह...

God does not deliberately give pleasure or sorrow to anyone,भगवान किसी को जानबूझकर सुख या दुख नहीं देते

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God does not deliberately give pleasure or sorrow to anyone भगवान किसी को जानबूझकर सुख या दुख नहीं देते  भगवान हमारे पिता हैं भगवान किसी को जानबूझकर सुख या दुख नहीं देते न ही किसी का बुरा करते हैं क्योंकि हम मानव ही नहीं प्रत्येक जीव उनकी संतान है। यह बात स्वर्ण अक्षरों में लिख लीजिये सदा आपके काम आयेगी। हमारा वर्तमान जीवन अनेक पूर्व जीवनों का फल लेकर प्रकट होता है।  प्रारब्ध (भाग्य) और क्रियमाण कर्म- इसमें दो चीजें प्रमुख हैं - 1) हमारे पूर्व कर्म जो हमें भाग्य के रूप में मिलते हैं और  2) हमारे वर्तमान कर्म(क्रियमाण)।  हमारे साथ जो बुरा होता है वह इनमें से किसी का भी परिणाम हो सकता है। हमारे पूर्व कर्म का फल या अभी इस जन्म में हमने जो गलत किया उसका फल। तो जैसे आप अपने अच्छे कर्म के फल प्रसन्नता से भोग करते हैं अपने बुरे कर्म के फल भी भोग कीजिये। फल तो हमें भोग करने ही पड़ेगे या तो रोकर या फिर हँसकर । जब कुछ अच्छा होता है मानो किसी की लाटरी निकली तो वह कितना प्रसन्न होता है मानो उसने कोई जंग जीत ली हो पर कोई दुख मिलने पर बस भगवान क...

Lali-Lal

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Lali-Lal Lali-Lal My friend- Lali and Lal They are friends of small kids. It's a fabulous gift for kids. They learn caring, sharing and to love each creature of this planet. Radhe Radhe

Mind : Friend or Foe

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मन : दुश्मन या दोस्त मन, उस कमीने दोस्त की तरह है जिसे आप अपना जिगरी यार समझते हैं, सब कुछ उससे साझा करते हैं, उसे खिलाते हैं-पिलाते हैं, 24 घंटे अपने साथ रखते हैं, उसकी हर बात सिर के बल मानते हैं क्योंकि आप समझते हैं कि वह भी आपकी हर बात मानेगा। जैसे आप उससे प्यार करते हैं वह भी आप से प्यार करता है। किन्तु आप का भ्रम, यह सुन्दर सपना टूट जाता है जब आप उसे छिप कर आपकी गर्ल फ्रेंन्ड के साथ इश्क लडाते देखते हैं। इतना बड़ा धोखा, आप के होश उड गये। जिसे मैने अपना जिगरी यार समझा वह तो मेरे जान का दुश्मन निकला। लगभग कुछ ऐसा ही है हमारा मन। जी हाँ, हमारा मन, हमारा सबसे विश्वसनीय बन कर हमारे साथ ही छल, विश्वासघात करता है। विश्वास नहीं होता ना। अच्छा बताइये आप अपने सपने, अपने सीक्रेट किसके साथ साझा करते हैं। अपने मन से । उससे ही कहते हैं-यह मुझे जीवन में अवश्य करना है, यह अवश्य ही पाना है, और ऐसा बंगला तो अवश्य ही बनाना है। पर इन सपनों में से कितने पूरे होते हैं। 1 या 2 प्रतिशत। क्यों। क्योंकि हम कहीं चूक जाते हैं, कहीं खो जाते हैं। कौन है जो हमें बहकाता है, हम...