मन करु सुमिरन राधे रानी के चरण
मन करु सुमिरन राधे रानी के चरण मन करु सुमिरन राधे रानी के चरण राधा रानी, श्री राधा .राधेजू ,वृषभानुनन्दिनी , राधिका ,लालीजू, किशोरिजू, श्यामा, प्यारीजू .....ये सब उनके ही नाम हैं जो इस सृष्टी का सार हैं। वे श्यामसुंदर की प्रियतमा हैं। श्यामसुंदर की कृपा शक्ति राधेजू ही हैं। जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज ने श्री राधा रानी को आधार मान कर हजारों पद लिखे हैं। जो इतने सरल और सुन्दर हैं कि मन उसमें ही खो जाता है। मन करू सुमिरन राधे रानी के चरण, राधे रा नी के चरण श्यामा प्यारी के चरण । राधे रानी के चरण नव पल्लव वरन। राधा रानी के चरण मेरी लागि है लगन । मन करू सुमिरन राधे रानी के चरण। श्री राधाष्टमी पर विशेष लेख पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे Radherani: The Divine Love, Grace & Spiritual Wisdom of Radha Rani, A journey into the divine love, devotion and spiritual grace of Radha Rani