नवरात्रि: नौ रातें, नौ शक्तियाँ और अपने भीतर की विजय
नवरात्रि का महत्व और कथा: माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों का आध्यात्मिक अर्थ नवरात्रि केवल नौ दिनों तक चलने वाला एक पर्व नहीं है। यह आत्मशक्ति को जगाने, अपने भीतर के अंधकार को पहचानने और जीवन में दिव्य चेतना का प्रकाश लाने की एक सुंदर आध्यात्मिक यात्रा है। जब शरद ऋतु की हल्की ठंडक वातावरण में उतरने लगती है, मंदिरों में घंटियाँ गूँजती हैं, घरों में दीप जलते हैं और “जय माता दी” की ध्वनि सुनाई देने लगती है, तब ऐसा लगता है जैसे पूरा भारत माँ की आराधना में एक साथ झुक गया हो। नवरात्रि में हम आदिशक्ति, माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। प्रत्येक स्वरूप अपने भीतर एक विशेष शक्ति और जीवन-संदेश समेटे हुए है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है— नौ ही रातें क्यों? माँ के नौ स्वरूप ही क्यों? महिषासुर की कथा का हमारे आज के जीवन से क्या संबंध है? और क्या नवरात्रि केवल पूजा और व्रत तक सीमित है? आइए, इन प्रश्नों के माध्यम से नवरात्रि को थोड़ा और गहराई से समझते हैं। विषय-सूची नवरात्रि क्या है? नवरात्रि 2026 कब है? नवरात्रि की कथा – माँ दुर्गा और महिषासुर नौ रातों का आध्यात्मिक अर्थ माँ दुर्गा के नौ स्वरूप और...